मुख्यमंत्री पद से आज इस्तीफा दे सकते हैं सिद्धारमैया, राज्यसभा जाने को नहीं हैं तैयार
कर्नाटक / – कर्नाटक के सीएम व कांग्रेस नेता सिद्धरमैया राज्यसभा जाने को इच्छुक नहीं है। वह 2 वर्ष के विधायक कार्यकाल को पूरा करना चाहते हैं। वह अपनी राजनीति बेंगलुरु में करना चाहते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने राहुल व सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सामने कई मांगे भी रख दी है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सिद्धारमैया गुरुवार यानी आज को दोपहर 3 बजे के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री पद संभालने का रास्ता साफ हो जाएगा। वहीं, डीके शिवकुमार (D.K. Shivakumar) शनिवार यानी 30 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
सीएम सिद्धारमैया की ब्रेकफास्ट मीटिंग
कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने ब्रेकफास्ट मीटिंग में अपने करीबी मंत्रियों व विधायकों को आवास पर बुलाया है। इस दौरान वह अनौपचारिक रूप से सत्ता हस्तानांतरण को लेकर बातचीत करेंगे। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है।
क्या है पूरा मामला
कर्नाटक कांग्रेस (Karnataka Congress) में भारी उथल पुथल मची हुई है। सीएम सिद्धरमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार बीते दिनों हाईकमान से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। इसके बाद से सियासी गलियारों में यह चर्चा होने लगी कि अब सिद्धरमैया का CM पद से इस्तीफा देना लगभग तय है। वहीं, अक्टूबर 2025 से इंतजार कर रहे डीके राज्य के नए सीएम बन सकते हैं। कहा जाता है कि साल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतने के बाद हाईकमान ने दोनों नेताओं को 2.5-2.5 साल के लिए सीएम बनाने का वादा किया था।
अपनी पसंद का कांग्रेस अध्यक्ष चाहता है सिद्धारमैया गुट
इधर, एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार सिद्धारमैया खेमा हाईकमान पर इस बात का दवाब बना रहा है कि राज्य में सत्ता पूरी तरह से डीके शिवकुमार को न सौंपी जाए। सिद्धारमैया हाईकमान की बातों को मानने से पहले अपने समर्थक विधायकों से सलाह मशवरा कर रहे हैं। कई मीडिया रपटों में यह बात भी सामने निकलकर आई है कि सिद्धारमैया गुट ने पार्टी हाईकमान के सामने डीके शिवकुमार के अधीन कई उपमुख्यमंत्री बनाने पर जोर दिया है। साथ ही, सिद्धारमैया गुट की चाहत यह भी है कि कांंग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उनकी पसंद का हो। कांग्रेस हाईकमान यदि सिद्धारमैया गुट की इन मांगों मानती है कि राज्य ईकाई और सरकार में सत्ता के कई केंद्र स्थापित हो सकते हैं। वहीं, सिद्धारमैया गुट के डिप्टी सीएम वाली मांग पर डीके शिवकुमार राजी नहीं है।
ब्युरो रिपोर्ट




