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गांजा तस्करी के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, ₹1 लाख का अर्थदंड

गांजा तस्करी के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, ₹1 लाख का अर्थदंड

गांजा तस्करी के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास, ₹1 लाख का अर्थदंड

रायपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में रायपुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। थाना खमतराई में वर्ष 2022 में दर्ज गांजा तस्करी के प्रकरण में विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) ने आरोपी अब्दुल सकूर को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा ₹1 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से अवैध गांजा बरामद होने पर उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(B) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया, जिसके पश्चात न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह निर्णय सुनाया।

विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे दो वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

रायपुर पुलिस ने कहा है कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। ऐसे मामलों में सशक्त विवेचना और प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है, ताकि समाज में नशे के विरुद्ध कड़ा संदेश दिया जा सके।

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