हरिद्वार पहुंचे लाखों कांवड़िए, हरकी पैड़ी पर विहंगम दृश्य; प्रशासन की तैयारियां जानिए।
हरिद्वार में इस समय सावन मेले की धूम है। हरकी पैड़ी पर भारी संख्या में कांवड़ियों की टोली पहुंच रही है। पूरा शहर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है।

हरिद्वार: उत्तराखंड में इस समय कांवड़ यात्रा की धूम है। हरिद्वार से लेकर गोमुख तक भारी संख्या में कांवड़िए पहुंच रहे हैं। वहां से वे गंगाजल लेकर अपने-अपने इलाके के शिवालयों की तरफ कूच कर रहे हैं। दरअसल, 11 अगस्त को शिवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान का जलाभिषेक करते हैं। इसको लेकर हरिद्वार में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दरअसल, हरिद्वार में 30 जुलाई से सावन मेले की शुरुआत हुई थी। अब यह सावन मेला अपने पूरे रंग में दिख रहा है। मेले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कराई गई हैं। जिला प्रशासन से लेकर पुलिस अधिकारी तक मेले में कांवरियों की सुरक्षा व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
एसएसपी ने क्या कहा?
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि 11 अगस्त को शिवरात्रि है। इसको लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है। हम देख रहे हैं कि बहुत सारे लोग वापस लौट रहे हैं। हम गाड़ियों को तय पार्किंग जगहों पर भेज रहे हैं, जहां कांवड़ यात्री थोड़ी देर रुकते हैं। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में हर की पौड़ी से यात्रा शुरू होती है। कांवड़ियों के ठहरने, भंडारे और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं।
एसएसपी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने खुद कांवड़ियों का सम्मान किया है। उनके लिए भंडारे का आयोजन किया है। हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले शिव भक्तों को बिना किसी परेशानी के आराम से रहने की सुविधा मिले। आज शाम की गंगा आरती के बाद लोगों की वापसी का भारी दबाव होगा। इसके बाद पार्किंग की समस्या कम हो जाएगी।
पुलिसकर्मियों की बदलेगी ड्यूटी
एसएसपी ने बताया कि कांवड़ियों की वापसी प्रक्रिया तेज होते ही हम अपनी ड्यूटी दिल्ली की ओर जाने वाली बाईं लेन पर लगा देंगे। जैसे-जैसे बाहर जाने वाली गाड़ियों की संख्या बढ़ेंगी, हम चारों लेन को बाहर जाने वाले ट्रैफिक के लिए खोल देंगे। अभी मेरी प्राथमिकता यह पक्का करना है कि राज्य के बाहर से आने वाली गाड़ियों को पार्किंग एरिया में सही जगह मिले।
एसएसपी ने कहा कि ड्रोन हमें तुरंत यह पता लगाने में मदद करते हैं कि पार्किंग की जगह कहां खाली हो रही है। हाइवे, घाट और पार्किंग एरिया की निगरानी के लिए ड्रोन बहुत काम के हैं। हमारे पास 500 से अधिक फिक्स्ड कैमरे भी हैं जो लगातार नजर रख रहे हैं।
ब्युरो रिपोर्ट



