महायुद्ध अपडेट : ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर दुनिया की नज़र, ट्रंप के खिलाफ वार पावर्स प्रस्ताव, साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर ड्रोन हमला, पेंटागन की आज प्रेस कांफ्रेंस
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर दुनिया की नज़र

वाशिंगटन/लंदन/तेहरान — पेंटागन सोमवार को पहली बार इस युद्ध पर आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है, जिसे अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) नाम दिया है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर है। वाशिंगटन में संवैधानिक संकट: ट्रंप की शक्तियों पर लगाम की तैयारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बिना संसदीय मंजूरी के ईरान पर हमला करने के खिलाफ सीनेटर एडम शिफ ने मोर्चा खोल दिया है।
वार पावर्स रेजोल्यूशन: एडम शिफ, टिम केन और रैंड पॉल जैसे सांसदों के साथ मिलकर सीनेट में एक प्रस्ताव पेश करने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति को भविष्य के किसी भी हमले के लिए कांग्रेस से मंजूरी लेने के लिए मजबूर करना है।
चुनौती: हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए कांग्रेस के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी, जो वर्तमान राजनीतिक स्थिति में कठिन लग रहा है।
साइप्रस में ब्रिटिश सैन्य अड्डे ‘अक्रोटिरी’ पर हमला
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि साइप्रस स्थित उनके सबसे महत्वपूर्ण सैन्य बेस ‘अक्रोटिरी’ पर आधी रात को एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है।
साइप्रस में ब्रिटिश सैन्य अड्डे ‘अक्रोटिरी’ पर हमला
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि साइप्रस स्थित उनके सबसे महत्वपूर्ण सैन्य बेस ‘अक्रोटिरी’ पर आधी रात को एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है।
संदर्भ : यह हमला प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमलों के लिए ब्रिटिश ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देने के ठीक बाद हुआ है। गनीमत रही कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इसने ब्रिटेन की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
ईरान की संयुक्त राष्ट्र (UN) से गुहार: “भविष्य के लिए खतरा”
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को एक पत्र लिखकर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या को “आतंकवाद का कायरतापूर्ण कृत्य” बताया है।
ईरान का तर्क : अरागची ने कहा कि अमेरिका ने एक खतरनाक ‘पेंडोरा बॉक्स’ खोल दिया है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संप्रभुता के सिद्धांतों को नष्ट कर देगा। उन्होंने UN से मांग की है कि अमेरिका और इजरायल को इस “अक्षम्य अपराध” के लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
लेबनान से पलायन : बेरूत में भारी भगदड़
इजरायली हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए लेबनान की राजधानी बेरूत से हजारों लोग पलायन कर रहे हैं। अल-जजीरा द्वारा सत्यापित वीडियो में सड़कों पर कारों का भारी जाम और लोगों को सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते हुए देखा जा सकता है।
पेंटागन की पहली बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस
आज दोपहर (भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे) रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जॉन केन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ की शुरुआत के बाद यह पहली बार होगा जब ट्रंप प्रशासन का कोई शीर्ष अधिकारी मीडिया के तीखे सवालों का सामना करेगा।
ब्युरो रिपोर्ट




