नक्सलवाद खात्में के बाद अब शासन-प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश कर रहे है.सुकमा कलेक्टर अमित कुमार 40-42 डिग्री गर्मी में बाइक से वनांचल क्षेत्रों के गांवों में पहुंचकर चौपाल लगाकर सुन रहे लोगों की समस्या। .
मूलभूत सुविधाओं की कर रहे घोषणाएं , मैलासुर, दंतेषपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका जैसे गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने पीएमजीएसवाई को दिए निर्देश.

सुकमा:जिले में 41-42 डिग्री की धूप में कलेक्टर अमित कुमार वनांचल गांवों का दौरा कर रहे हैं. पथरीले रास्तों पर प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी बाइक पर सवार होकर गांव-गांव पहुंच रहे हैं और चौपाल भी लगा रहे हैं. नक्सलवाद खात्में के बाद अब शासन-प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने और उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश कर रहा है.

कलेक्टर ने चौपाल लगाकर सुनी समस्या, युवाओं से भी मिले
कोंटा ब्लॉक के गांवों में
कोंटा विकासखंड के धुर नक्सल प्रभावित और वर्षों से पहुंचविहीन रहे गांव भेज्जी, मैलासुर, दंतेषपुरम, गछनपल्ली, बुर्कलंका, बोदराजपदर और डब्बाकोंटा में आज कलेक्टर और जिला पंचायत CEO मुकुन्द ठाकुर पहुंचे. उबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते, घने जंगल, भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अधिकारियों का मोटरसाइकिल से गांवों तक पहुंचना लोगों के लिए भी विश्वास बढ़ाने की पहल दिखा.

सुशासन परिसर मॉडल से विकास
सुशासन परिसर मॉडल से विकास
बुर्कलंका में बन रहे सुशासन परिसर ने इस दौरे को और खास बना दिया. जंगलों के बीच विकसित हो रहा यह परिसर बस्तर में प्रशासन की नई सोच को दर्शाता है. एक ही परिसर में स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, पीडीएस सेंटर और सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना इस बात का संकेत है कि अब दूरस्थ गांवों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की गंभीर कोशिश शुरू हो चुकी है. कलेक्टर अमित कुमार ने इस मॉडल की खुलकर सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास के लिए प्रेरणादायी बताया.
हमारा लक्ष्य अंतिम छोर के गांवों तक विकास पहुंचाना है. नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब स्कूल, अस्पताल, सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके–
अमित कुमार, कलेक्टर

कोंटा ब्लॉक के ग्रामीणों से चर्चा करते कलेक्टर अमित कुमार
जमीन पर बैठकर लोगों से चर्चा
दौरे के दौरान अधिकारियों ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया. मैलासुर पंचायत में जमीन पर बैठकर सरपंच, पटेल और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गई. ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी समस्याओं को खुलकर रखा, तो वहीं अधिकारियों ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर लोगों के चेहरे पर उम्मीद की नई रोशनी जगा दी.
दौरे के दौरान की गई कई घोषणाएं
- भेज्जी पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति दी गई
- मैलासुर में इसके लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए.
- गछनपल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए स्टाफ क्वार्टर बनाने की मंजूरी
- दंतेषपुरम में निर्माणाधीन स्कूल भवन को बारिश से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश
- अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी सख्ती

निर्माणाधीन स्कूल भवन को बारिश से पहले हर हाल में पूरा करने के निर्देश
मूलभूत सुविधाओं पर
पेयजल, खेती और आजीविका को लेकर भी कई बड़ी सौगातें दी गईं. दंतेषपुरम में नए डैम और तालाब निर्माण की स्वीकृति के साथ मछली पालन को बढ़ावा देने की योजना पर फोकस किया गया. मैलासुर और बोदराजपदर में हैंडपंप और बोरिंग की मंजूरी देकर पेयजल संकट दूर करने की पहल की गई. जल जीवन मिशन के कार्यों को समय सीमा में पूरा कर हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए.
सबसे अहम बात यह रही कि कलेक्टर अमित कुमार ने गांवों को सड़कों से जोड़ने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. पीएमजीएसवाई विभाग को तत्काल प्रस्ताव तैयार कर मैलासुर, दंतेषपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका जैसे गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के निर्देश दिए गए.
ब्युरो रिपोर्ट




