छत्तीसगढ़
प्रेरक पहल / जनजागरूकता विशेष जीवन के बाद भी जीवन: एक संकल्प से जगेंगी कई उम्मीदें
मनेन्द्रगढ़ के अनिल केसरवानी बने मिसाल अंगदान से संजीवनी, मेडिकल शिक्षा को भी मिलेगा नया आधार

एमसीबी / मनेन्द्रगढ़ – कभी-कभी एक व्यक्ति का लिया गया निर्णय समाज में बदलाव की बड़ी लहर बन जाता है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है, जहां मनेन्द्रगढ़ के प्रतिष्ठित नागरिक श्री अनिल केसरवानी ने अपनी मृत्यु के पश्चात अंगदान करने का संकल्प लेकर मानवता को नई दिशा दी है।
16 मार्च 2026 को उन्होंने अधिष्ठाता महोदया डॉ. रंजना आर्या डीन मेडिकल कॉलेज एमसीबी के कर-कमलों से अंगदान हेतु आवेदन पत्र प्राप्त कर अपने इस महान निर्णय को औपचारिक रूप दिया। यह केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि उन अनगिनत जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण है, जिन्हें जीवनदान की प्रतीक्षा है।

एक निर्णय, कई जिंदगियों में नई सांस
विशेषज्ञों के अनुसार एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। ऐसे में श्री केसरवानी की पहल सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण है। उनका यह कदम समाज में यह संदेश देता है कि इंसान अपने जीवन के बाद भी दूसरों के जीवन में रोशनी भर सकता है।
मेडिकल कॉलेज के लिए अमूल्य योगदान
जिले में शीघ्र प्रारंभ होने जा रहे नवीन चिकित्सा महाविद्यालय के संदर्भ में यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अंगदान और देहदान चिकित्सा शिक्षा का आधार होते हैं, जिनके माध्यम से छात्र-छात्राएं मानव शरीर की संरचना और उपचार की बारीकियों को गहराई से समझ पाते हैं। स्वेच्छा से किया गया देहदान न केवल विद्यार्थियों के अध्ययन को सशक्त बनाता है, बल्कि भविष्य में बेहतर इलाज, नई तकनीकों और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।
समाज के लिए प्रेरणा, सहभागिता की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंगदान एवं देहदान के महत्व को समझें और इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। इच्छुक व्यक्ति NOTTO ( National Organ – Tissue Transplant Organization) के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।
श्री अनिल केसरवानी की यह पहल एक संदेश है- “जीवन समाप्त हो सकता है, लेकिन इंसानियत नहीं।”
उनका यह संकल्प आने वाले समय में न केवल कई जिंदगियों को नया जीवन देगा, बल्कि समाज में जागरूकता और मानवता की भावना को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
ब्युरो रिपोर्ट




