दुर्ग जिले में शातिर बकरा चोरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार । बाइक से इलाके की रेकी कर वारदात को देते थे अंजाम।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शातिर बकरा चोरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों चोर दुपहिया वाहन का उपयोग करके पहले इलाके का निरीक्षण करते थे और फिर बकरा चोरी को अंजाम देते थे। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि आरोपियों ने दुपहिया से बकरा चोरी कर ले गए। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। यह मामला उतई थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 24 मार्च की शाम प्रार्थी बन्नी अली (26), निवासी बजरंग चौक, ग्राम जोरातराई, ने अपने घर में बकरों को रखा था। 25 मार्च की सुबह निरीक्षण करने पर पता चला कि दो नग बकरे गायब हैं। घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में अज्ञात व्यक्तियों को दुपहिया वाहन में बकरा ले जाते हुए देखा गया।
बन्नी अली की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें रूआबांधा क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि चोरी किए गए बकरों को काटकर बेच दिया गया और प्राप्त राशि को खर्च कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने चोरी की पूरी योजना बनाई थी। पहले दुपहिया से इलाके का निरीक्षण (रेकी) किया जाता था और फिर चोरी को अंजाम दिया जाता था। इससे आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ था, क्योंकि चोर लगातार बकरों की चोरी कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तारी किसानों और पशुपालकों के लिए राहत की खबर है।
यह घटना यह भी साबित करती है कि सीसीटीवी कैमरे अपराध नियंत्रण और अपराधियों की पहचान में कितने प्रभावी साबित हो सकते हैं। उतई थाना पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस गिरफ्तारी के बाद दुर्ग जिले में बकरा चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस लगातार क्षेत्र में पैट्रोलिंग कर रही है और ग्रामीणों के सहयोग से अपराधियों पर नजर रख रही है। यह घटना स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण समुदाय के लिए सतर्कता और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
ब्युरो रिपोर्ट




