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दिल्ली में बड़ी साजिश, LeT के इशारे पर रेकी, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे वीडियो

नई दिल्ली: बांग्लादेश बेस्ड आतंकी हैंडलर शब्बीर अहमद लोन ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और हाफिज सईद का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा मिलकर बांग्लादेश में TRF जैसा नया आतंकी संगठन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार वह अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को पैसे और कट्टरपंथी सोच का लालच देकर भर्ती करता था ताकि वे लोकल आबादी में घुल-मिलकर आतंकी घटनाएं कर सकें।

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दिल्ली की कई कमर्शियल जगहों और धार्मिक स्थलों की रेकी की थी। इनमें कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल, छतरपुर मंदिर और इस्कॉन टेंपल शामिल हैं। इसके अलावा कनॉट प्लेस और पहाड़गंज के भीड़भाड़ वाले मार्केट की भी रेकी की गई।आरोपी ने इन जगहों के विडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलर्स को भेजे थे।

बड़े हमले का था प्लान

एजेंसियों के मुताबिक उसकी योजना किसी एक हमले की नहीं, बल्कि बड़े हमले की थी। सूत्रों के अनुसार शब्बीर पाकिस्तान में मौजूद लश्कर हैंडलर्स आसिफ डार और सुमामा बाबर के संपर्क में था। वह टेलीग्राम पर एनक्रिप्टेड हैंडल के जरिए बातचीत करता था और बार-बार अपनी पहचान बदलता रहता था।

ISI से मिल रही थी फंडिंग

जांच एजेंसियों का कहना है कि उसका संबंध लश्कर सरगना हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी से भी जुड़ा रहा है। इस मॉड्यूल को ISI से फंडिंग और समर्थन मिल रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की भर्ती, उनके लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाने और कोलकाता के पास सेफ हाउस तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। स्पेशल सेल नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट से इस नेटवर्क के संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।

बांग्लादेश में TRF जैसा संगठन बनाने की साजिश, ISI से फंडिंग का आरोप

सूत्रों के मुताबिक शब्बीर ने बांग्लादेश से पोस्टरों की पीडीएफ भेजी थी और उसके निर्देश पर नए रिक्रूट मॉड्यूल ने कोलकाता में बेस तैयार किया। मॉड्यूल ने शहर के बाहरी इलाके में 8 हजार रुपये महीने पर घर किराए पर लिया था। शब्बीर ने हथियार खरीदने के लिए 80 हजार रुपये से ज्यादा रकम भेजी थी और आगे भी फंडिंग की योजना थी। मॉड्यूल के सदस्य सिग्नल ऐप के जरिए संपर्क में रहते थे, जिनमें मालदा का उमर फारूक उससे सबसे ज्यादा बातचीत करता था।

बांग्लादेशी रेडिकलाइज लड़कों की भर्ती करने की थी योजना

सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार हटने के बाद जैसे ही भारत के खिलाफ माहौल बना। तभी पाकिस्तान की आईएसआई और लश्कर ए तैयबा ने शब्बीर अहमद लोन को बांग्लादेशी रेडिकलाइज लड़कों को भर्ती करके LeT जैसा संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

ब्युरो रिपोर्ट

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