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‘युद्ध और कई संकट के बावजूद किसी भी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं कहा’, पीएम मोदी की अपील पर केजरीवाल ने की ये डिमांड

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी की अपील पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में जनता को बताना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि देश ने पूर्व में युद्धों सहित कई संकटों का सामना किया है लेकिन मोदी से पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने सात सबसे कड़े कदमों की घोषणा नहीं की और जनता से उनका पालन करने का अनुरोध नहीं किया।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की अपील पर विपक्षी दल सवाल खड़े कर रहे हैं। पीएम मोदी ने हाल ही में लोगों से ईंधन की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन एवं इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने और सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने की अपील की है। पीएम मोदी की इस अपील पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को सवाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में जनता को बताना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर केजरीवाल को शक
अरविंद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश ने अतीत में युद्धों सहित कई संकटों का सामना किया है लेकिन मोदी से पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने सात सबसे कड़े कदमों की घोषणा नहीं की और जनता से उनका पालन करने का अनुरोध नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी द्वारा सुझाए गए संयमित खर्च के उपायों के पीछे स्पष्ट कारण अमेरिका और ईरान के बीच का युद्ध है, लेकिन देश की गिरती अर्थव्यवस्था के पीछे कोई और कारण भी हो सकता है।

1950 से देश ने कई संकटों का सामना किया है, जिनमें पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध और आर्थिक संकट शामिल है। लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी जैसे नेताओं ने पहले भी लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी, लेकिन किसी भी सरकार ने नागरिकों से इतनी व्यापक ‘सात अपीलें’ नहीं की थीं। अरविंद केजरीवाल

भविष्य में क्या होने की उम्मीद है, केजरीवाल ने पूछा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश सदमे में है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान के बाद उनसे तीन अनुरोध किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से मेरे तीन अनुरोध हैं। उन्हें देश को आज हमारी अर्थव्यवस्था की स्थिति और निकट भविष्य में क्या होने की उम्मीद है, यह बताना चाहिए। आज बाजार में कई अफवाहें फैल रही हैं और यह अर्थव्यवस्था में विश्वास के लिए अच्छा नहीं है।

मिडिल क्लास ही क्यों, विपक्ष उठा रहा ये सवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि संयमित खर्च के उपाय मध्यम वर्ग के लिए ही क्यों हैं और प्रधानमंत्री स्वयं, मंत्री, अधिकारी और देश के अति धनाढ्यों को इस तरह का त्याग क्यों नहीं करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने हाल ही में लोगों से सोने की खरीद, विदेश यात्रा से बचने और पेट्रोल की खपत को सीमित करने की अपील की थी। विपक्ष ने इन टिप्पणियों को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला किया है और इन्हें विफलता का सबूत बताया है।

ब्युरो रिपोर्ट

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