राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने के बाद उच्चस्तरीय जांच के आदेश, हादसे में किसी को नहीं आई चोट

कोटा। मध्य प्रदेश के रतलाम में रविवार को तिरुवनंतपुरम–हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना के बाद इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि जिस कोच में आग लगी, उससे समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है। आग लगने के बाद रेलवे ने देशभर में कोचों और रेलवे से जुड़े फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच शुरू कर दी है, ताकि सुरक्षा तैयारियों का आकलन किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बयान में कहा, ”सुबह करीब 5:15 बजे त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (12431) की पीछे की दो बोगियों में आग लग गई। यह घटना कोटा मंडल के नागदा क्षेत्र में लूनी रिछा और विक्रमगढ़ आलो स्टेशनों के बीच हुई। प्रभावित कोचों में एक गार्ड कोच और एक एसी 3 टियर कोच शामिल था।”
रेलवे के अनुसार, आग लगने की जानकारी मिलते ही ओवरहेड इलेक्ट्रिक सप्लाई तुरंत बंद कर दी गई, ताकि कोई बड़ा खतरा न हो। इसके बाद प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया।
श्रीवास्तव ने कहा कि आग से प्रभावित बी-1 कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया। रेलवे कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने के काम में जुट गए। कोच में लगे सुरक्षा सिस्टम ने तुरंत काम किया, जिससे ट्रेन अपने आप रुक गई। इसके बाद ट्रेन स्टाफ ने पीछे की दोनों बोगियों को अलग कर दिया।
रेलवे प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों के लिए मौके पर ही खाने-पीने की व्यवस्था भी की और आगे की यात्रा के लिए कोटा स्टेशन पर एक अतिरिक्त कोच जोड़ा गया।
सीपीआरओ ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आग लगने के सही कारण की जांच की जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और उनके परिजनों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर-6375898943 और 09256099269 जारी किए हैं।
12431 राजधानी एक्सप्रेस शुक्रवार को केरल के तिरुवनंतपुरम से रवाना हुई थी और इसे रविवार दोपहर 12:30 बजे नई दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचना था।
इस घटना का असर नई दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर भी पड़ा। वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार, मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा, जबकि रेलवे कर्मचारी ट्रैक साफ करने और व्यवस्था बहाल करने में लगे रहे। कई घंटों तक इस रूट पर रेल यातायात प्रभावित रहा।
ब्युरो रिपोर्ट




