राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया बदरीनाथ धाम, जन्माष्टमी पर दिखा दिव्य नजारा।

चमोली: भगवान बदरी विशाल का धाम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रंग-बिरंगी और आकर्षक रोशनी से जगमगा उठा है. रात के अंधेरे में रोशनी से सजे बदरीनाथ मंदिर का भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. मंदिर परिसर और आसपास की सजावट से धाम का नजारा देखते ही बन रहा है.

हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बदरीनाथ धाम को विशेष रूप से सजाया गया है. रंग-बिरंगी चमचमाती लाइटों से सजे मंदिर की आभा रात में और भी दिव्य नजर आ रही है. रोशनी में नहाया बदरीनाथ मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बदरीनाथ धाम में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं. भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं. भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहकर जन्मोत्सव के साक्षी बनते हैं.

जन्माष्टमी को लेकर धाम में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है. देर रात तक भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से बदरीनाथ धाम भक्तिमय बना रहता है. रंगीन रोशनी से सजा भगवान बदरी विशाल का धाम श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आस्था के साथ आकर्षण का भी केंद्र बना हुआ है.

BADRINATH KRISHNA JANMASHTAMI

रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया बदरीनाथ धाम 

जन्माष्टमी पर रात दो बजे बंद होंगे बदरीनाथ धाम के कपाट: भगवान बदरी विशाल के धाम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंदिर के कपाट बंद और खुलने का समय निर्धारित किया गया है. जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के बाद चार सितंबर की मध्यरात्रि करीब दो बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद पांच सितंबर को सुबह छह बजे कपाट खुलेंगे.

BADRINATH KRISHNA JANMASHTAMI

बदरीनाथ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम 

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार पांच सितंबर की सुबह 5:30 बजे घंटी बजाई जाएगी. इसके बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट खुलेंगे. 6:30 बजे से महाभिषेक पूजा शुरू होगी. मंदिर में पूजा-अर्चना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संपन्न कराई जाएगी.

वहीं, छह सितंबर से बदरीनाथ धाम में मंदिर खुलने और पूजाओं का समय पूर्ववत रहेगा. मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी की ओर से 31 अगस्त को जारी कार्यालय ज्ञाप में मंदिर से जुड़े अधिकारियों, पुजारियों और कर्मचारियों को भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

ब्यूरो रिपोर्ट

Related Articles

Back to top button