छत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान के तहत, सहयोग – मेरा योगदान: रक्तदान से मातृत्व सुरक्षा तक पहुंचा सेवा का संकल्प

17 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के रक्तदान का मिला लाभ, गंभीर एनीमिया से जूझ रही बी-पॉजिटिव महिला के उपचार में उपलब्ध हुआ रक्त

एमसीबी/24 सितंबर 2026/ ‘सहयोग-मेरा योगदान’ केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि जरूरत के समय किसी के काम आने की भावना है। सेवा संकल्प अभियान के द्वितीय चरण के शुभारंभ अवसर पर 17 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रक्तदान कर इसी भावना को आगे बढ़ाया। अभियान के दौरान किया गया यह रक्तदान कुछ दिनों बाद एक जरूरतमंद महिला के उपचार में उपयोगी साबित हुआ।
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित दस्तावेजों के अनुसार 26 वर्षीय बी-पॉजिटिव रक्त समूह की महिला गंभीर एनीमिया से जूझ रही थी। उसका हीमोग्लोबिन स्तर करीब 5 ग्राम बताया गया है और उपचार के लिए दो यूनिट रक्त की आवश्यकता दर्ज थी। संबंधित महिला के लिए तत्काल उपयुक्त डोनर उपलब्ध नहीं हो पाने की स्थिति में पूर्व में उपलब्ध रक्त का उपयोग उपचार के लिए किया गया।

मेरा योगदान, किसी के लिए बना सहारा
17 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘रक्तदान महादान’ कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वयं रक्तदान किया था। उस समय रक्तदान का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता में योगदान देना और समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कुछ दिनों बाद इसी पहल का लाभ एक जरूरतमंद महिला तक पहुंचा। महिला के लिए तत्काल डोनर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में उपलब्ध रक्त उपचार के काम आया। यह घटनाक्रम बताता है कि आज किया गया छोटा-सा योगदान भविष्य में किसी अनजान व्यक्ति के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।

जरूरत के समय उपलब्ध हुआ रक्त

स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में महिला का रक्त समूह बी पॉजिटिव दर्ज है तथा उपचार के लिए दो यूनिट रक्त की आवश्यकता अंकित थी। गंभीर एनीमिया की स्थिति में समय पर रक्त की उपलब्धता उपचार प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रही। उपलब्ध रक्त का उपयोग महिला के उपचार में किया गया। इस तरह 17 सितंबर को किया गया रक्तदान केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जरूरत के समय स्वास्थ्य सेवा की प्रक्रिया का हिस्सा बनकर एक मरीज तक पहुंचा।

सहयोग की छोटी पहल, समाज के लिए बड़ा संदेश
रक्तदान की विशेषता यही है कि रक्तदाता अक्सर यह नहीं जानता कि उसके द्वारा दिया गया रक्त भविष्य में किस जरूरतमंद तक पहुंचेगा। फिर भी वह इस भावना के साथ अपना योगदान देता है कि आवश्यकता पड़ने पर उसका रक्त किसी मरीज के काम आएगा। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया रक्तदान इसी भावना का उदाहरण बना। एक ओर उन्होंने अभियान के दौरान रक्तदान कर अपना योगदान दिया, तो दूसरी ओर वही रक्त जरूरत के समय एक महिला के उपचार में उपयोगी हुआ।

मातृत्व स्वास्थ्य में भी महत्वपूर्ण है समय पर रक्त
महिलाओं के स्वास्थ्य और मातृत्व से जुड़ी परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर समय पर रक्त की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो सकती है। गंभीर एनीमिया जैसी स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार के साथ आवश्यकता के अनुसार रक्त की व्यवस्था भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान से उपलब्ध रक्त जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन बनता है। सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान को जनभागीदारी और मानवीय सहयोग से जोड़ते हुए लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मेरा योगदान, किसी अनजान की उम्मीद
‘सहयोग-मेरा योगदान’ की यह कहानी बताती है कि सेवा का मूल्य केवल योगदान करने के क्षण में नहीं, बल्कि उस योगदान से किसी जरूरतमंद को मिलने वाले सहारे में भी दिखाई देता है। 17 सितंबर को किया गया रक्तदान और कुछ दिनों बाद जरूरतमंद महिला के उपचार में उसका उपयोग – यह पूरा घटनाक्रम एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण संदेश देता है- मेरा छोटा-सा योगदान, किसी अनजान के जीवन में उम्मीद की बड़ी वजह बन सकता है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से रक्तदान जैसी जनभागीदारी की पहल लोगों को यही प्रेरणा दे रही है कि समाज की जरूरतों से जुड़कर किया गया प्रत्येक सकारात्मक योगदान किसी न किसी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। रक्तदान की एक पहल जरूरत के समय किसी परिवार के लिए राहत और किसी मरीज के लिए उपचार की महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है।

ब्यूरो रिपोर्ट

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