पेट्रोल, डीजल और LPG को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा बयान ।

नई दिल्ली। सरकार ने एक बार फिर देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी यानी पैनिक बायिंग न करने की अपील की है। सरकार ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में संभावित रुकावटों के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर्याप्त और सुचारू बनी हुई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में नागरिकों को भरोसा दिलाया कि पेट्रोलियम उत्पादों से लेकर कुकिंग गैस तक हर जरूरत पूरी तरह उपलब्ध है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने साफ हिदायत दी कि केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और ऊर्जा का संरक्षण करें। बयान में कहा गया कि घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई को विशेष रूप से घरों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा रिफाइनरी प्रोडक्शन बढ़ाकर डिमांड को मैनेज करने के उपाय किए गए हैं। इनमें एलपीजी रिफिलिंग के बीच का समय बढ़ाना और वैकल्पिक फ्यूल जैसे केरोसिन और कोयले का इस्तेमाल शामिल है।
सरकार ने यह भी कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगातार कार्रवाई जारी है। अब तक 3,700 से अधिक छापे मारे गए हैं और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स को लगभग 1,000 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 27 डीलरों को निलंबित किया जा चुका है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, जियो-पॉलिटिकल स्थिति के कारण सप्लाई पर दबाव है, लेकिन एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। बीते शुक्रवार को करीब 51 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए, जिनमें 95% ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से थे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को होर्मुज संकट से पहले के स्तर के 70% तक सीमित किया गया है। वहीं पेट्रोल पंप पूरी तरह से भरे हुए हैं और सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ काम कर रही हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि सरकार ने घरेलू LPG और PNG की आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए अस्पतालों, स्कूलों और अन्य जरूरी सेवाओं की डिमांड को पूरा किया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिना किसी पैनिक बायिंग के, नियमित रूप से ईंधन खरीदें। मंत्रालय ने कहा कि पैनिक बायिंग से न केवल सप्लाई पर दबाव बढ़ता है बल्कि कालाबाजारी और जमाखोरी को भी बढ़ावा मिलता है। इसलिए, केवल आधिकारिक चैनलों से जानकारी लें और अनुचित घबराहट से बचें।
विदित हो कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है और अमेरिका-ईरान तनाव के चलते वहां की स्थितियों पर वैश्विक बाजारों में चिंता बनी हुई है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने सभी रिफाइनरियों और वितरण नेटवर्क को सतर्क किया है। सरकार के यह कदम यह सुनिश्चित करते हैं कि नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसी बुनियादी आवश्यकताओं में कोई कमी या व्यवधान न आए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि घरों और व्यवसायों में ऊर्जा की बचत करने के उपाय अपनाए जाएं, जिससे संसाधनों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
इस बीच, पेट्रोल पंप संचालकों और एलपीजी डीलरों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे किसी भी स्थिति में पैनिक बायिंग को बढ़ावा न दें और ग्राहकों को शांतिपूर्वक सेवाएं दें। मंत्रालय ने देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की सप्लाई की निरंतर मॉनिटरिंग की पुष्टि की। सरकार का यह बयान नागरिकों को भरोसा दिलाने के लिए है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर्याप्त है और संकट के बीच भी किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और किसी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों से प्रभावित न हों।
ब्युरो रिपोर्ट




