छत्तीसगढ़

चिरमिरी में ऐतिहासिक राम कथा महोत्सव का कलश यात्रा के साथ हुआ भव्य शुभारंभ : लगभग 10 हजार महिलाओं की कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ समूचा शहर।

जय जय श्रीराम के उद्घोषणा से गुजायमान हुई चिरमिरी की गलियां।

​एमसीबी चिरमिरी । कोयलांचल नगरी चिरमिरी आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल का गवाह बनी। क्षेत्र में भव्य ‘श्री राम कथा महोत्सव’ का अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में आरंभ हो चुका है। महोत्सव के पहले दिन निकली भव्य कलश यात्रा ने पूरे शहर को राममय कर दिया।
​10 हजार मातृशक्तियों का सैलाब, 5 किलोमीटर लंबी यात्रा
​इस भव्य आयोजन की शुरुआत एक विशाल कलश यात्रा से हुई, जिसमें लगभग 10 हजार मातृशक्तियों (महिलाओं) ने हिस्सा लिया। सिर पर मंगल कलश धारण किए, पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। यह ऐतिहासिक कलश यात्रा लगभग 05 किलोमीटर की दूरी तय कर रही है। आलम यह है कि सीताकुंड बड़ाबाजार से लेकर गोदरी पारा तक लगभग 2 किलोमीटर लंबी सिर्फ कलश यात्रियों की कतार ही नजर आ रही है। इस यात्रा में शामिल होने के लिए केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों से भी भारी संख्या में मातृ शक्तियां चिरमिरी पहुंची हैं।


स्वास्थ्य मंत्री खुद संभाल रहे हैं कमान,

पैदल चलकर कर रहे निगरानी इस पूरे आयोजन और कलश यात्रा की कमान खुद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने संभाल रखी है। मंत्री जी न केवल इस भव्य यात्रा की पल-पल निगरानी कर रहे हैं, बल्कि खुद भी आम जनता और श्रद्धालुओं के साथ कदम-से-कदम मिलाकर पैदल चल रहे हैं। कलश यात्रा में उमड़े जनसैलाब को देखकर स्वास्थ्य मंत्री भी गद्गद नजर आए। चलते-चलते उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इस भीड़ को ऐतिहासिक बताया और कहा कि चिरमिरी की जनता ने भक्ति और श्रद्धा की एक नई मिसाल पेश की है।

​आसमान से हनुमान जी ने की पुष्प वर्षा, रामधुन से गूंजा शहर


​कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा और भव्यता का आधुनिक संगम भी देखने को मिला। यात्रा के ऊपर उड़ रहे एक विशेष ‘ड्रोन हनुमान जी’ (हनुमान जी के स्वरूप में सजे ड्रोन) ने पूरी यात्रा पर आसमान से लगातार पुष्प वर्षा की, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। पूरे शहर में गूंज रही रामधुन और जय श्रीराम के नारों से वातावरण पूरी तरह से आलौकिक और भक्तिमय हो गया है।
​कदम-कदम पर कौमी एकता और सेवा की मिसाल
​इस धार्मिक महोत्सव में चिरमिरी की अनूठी सेवा भावना और सामाजिक समरसता भी देखने को मिली। कलश यात्रियों के स्वागत और सेवा के लिए जगह-जगह पर स्थानीय व्यापारी, धर्मावलंबी और समाजसेवी जुटे रहे, जो श्रद्धालुओं को शरबत और शीतल पेयजल पिलाकर पुण्य कमा रहे हैं।


​कौमी एकता की मिसाल पेश करते हुए गुरुद्वारा के सामने सिख समाज के लोगों ने भी कलश यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। सिख समाज द्वारा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए चने, ठंडे शरबत और शीतल पेयजल का विशेष वितरण किया गया, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है।
​इस भव्य शुरुआत के बाद अब चिरमिरी में आगामी दिनों तक संगीतमय श्री राम कथा की अमृत वर्षा होगी, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

ब्युरो रिपोर्ट

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