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सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके अपने एक दिवसीय प्रवास पहुँचे बालाघाट , बीमारी से प्रभावित ग्रामों में जाकर देखंे हालत, बालाघाट में बोले पार्लियामेंट, पीएम आवास और एयरपोर्ट चमकाने से देश नहीं बनेगा विश्वगुरू, सरकार को बताया बच्चों की मौत का जिम्मेदार,,?

बालाघाट। जिले के आदिवासी अंचल में बच्चो की मौत और बीमार होते बच्चों की हालत के बाद भी शासन और प्रशासन, नियंत्रण की बात कर रहा है, जबकि आज भी ग्रामीण क्षेत्रो में मूलभुत सुविधाओं का आभाव है, खसरा, मलेरिया, चर्मरोग, डायरिया सहित अन्य संक्रमण बीमारियों से संरक्षित आदिवासी बच्चों की मौत का वास्तविक आंकड़ा, अब भी प्रशासन नहीं बता रहा है, हालांकि यह जरूर दावे किए जा रहे है कि 32 लोगो को शासन की आर्थिक मदद दे दी गई है।
जिले के प्रभावित ग्रामों का दौरा करके, वहां के जमीनी हालत को समझने, शनिवार को सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे है। यहां वह प्रभावित ग्राम की ओर गए। जहां उन्होंने प्रभावित परिवार से मुलाकात की। इससे पूर्व संक्षिप्त चर्चा में अभिजीत दीपक ने बच्चों की मौत और लगातार बीमार होते बच्चों की स्थिति पर जमकर जुबानी हमला बोला।
अभिजीत दीपके ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जिस प्रकार से आदिवासी बच्चों की मौत हुई है और वह लगातार बीमार हो रहे है, उससे इनकी ज्यादा अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि उन्हें बेसिक सुविधा हेल्थ केयर तक नहीं मिल पा रहा है। वेक्सीनेशन, पीने के पानी का नसीब नहीं हो रहा है। जिसके कारण वह झीरिया का पानी पीने मजबूर है।
उन्होंने बताया कि मिली जानकारी के आधार पर साफ है कि एक बड़ी मेडिकल लापरवाही हुई है। चिंताजनक है कि आजादी के 80 साल बाद भी बच्चे वेक्सीनेशन और गंदे पानी से मर रहे है। एक ओर 7.8 प्रतिशत ग्रोथ रेट का दावा किया जा रहा है। जबकि मूल निवासी आज भी मूलभुत सुविधाओ के लिए तरस रहा है। देश एयरपोर्ट, पार्लियामेंट और पीएम आवास चमका देने से विश्वगुरू नहीं बनेगा। देश को विश्वगुरू बनाना है तो आदिवासी अंचल में आदिवासियों को बेहतर जिंदगी, बेहतर शिक्षा और अच्छे अवसर देने होंगे।
उन्होंने बताया कि आदिवासियों की इस हालत के लिए आदिवासी विकास मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सचिव की जिम्मेदारी है, उन्होंने बताया कि सीजेपी का आदिवासियों की लड़ाई में पूरा समर्थन है। हमने जनप्रतिनिधियों को चुनकर हेलीकाप्टर में उड़ने या आलीशान भवन बनाने नहीं भेजा है। हमने उन्हें वंचितों की सेवा के लिए भेजा है। उन्होंने बताया कि बदलाव का दौर आना चाहिए।

ब्यूरो रिपोर्ट

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