कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब के भाई ढाल दास ने थामा कांग्रेस का हाथ,भूपेश ने कहा- मिलकर हटाएंगे भाजपा को ।
सतनामी समाज के प्रमुख चेहरा गुरु बालदास के बेटे ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थामा है,जबकि उनके छोटे भाई बीजेपी सरकार में मंत्री हैं.

रायपुर : छत्तीसगढ़ की सियासत से जुड़ी एक बड़ी तस्वीर सामने आई है.जिसमें सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरु बालदास के बड़े बेटे और बीजेपी सरकार में मंत्री खुशवंत सिंह साहब के बड़े भाई ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थामा है. रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में ढाल दास ने कांग्रेस की सदस्यता ली. इस दौरान भूपेश बघेल ने उन्हें कांग्रेस का गमछा पहनाकर पार्टी में स्वागत किया.
बीजेपी को हटाने का लिया संकल्प
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. खासतौर पर सतनामी समाज से जुड़े इस प्रभावशाली परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनके कांग्रेस प्रवेश को अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. वहीं, इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा है कि- शुरुआत हुई है, सब मिलकर भाजपा को हटाएंगे.
2028 के रण में होंगे बीजेपी के खिलाफ
सतनामी समाज के धर्मगुरु गुरु बालदास के बड़े पुत्र ढाल दास अब कांग्रेस के साथ खड़े दिखेंगे. यानी एक ही परिवार से जुड़े दो प्रमुख चेहरे अब अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ नजर आ रहे हैं. एक ओर छोटे भाई खुशवंत साहब सरकार में मंत्री हैं, तो दूसरी ओर बड़े भाई ढाल दास ने कांग्रेस का दामन थामा है.यही वजह है कि उनके कांग्रेस प्रवेश को सिर्फ पार्टी बदलने के घटनाक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी देखा जा रहा है.
भूपेश बघेल का बड़ा बयान-हुई है शुरुआत
ढाल दास के कांग्रेस प्रवेश के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताया .भूपेश बघेल ने कहा कि ढाल दास के कांग्रेस में आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और कांग्रेस अपने सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ेगी. इसके साथ ही बघेल ने बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कहा- हुई है शुरुआत, सब मिलकर भाजपा को हटाएंगे. भूपेश बघेल के इस बयान को आगामी राजनीतिक लड़ाई के लिए कांग्रेस के अभियान और रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.

गुरु बालदास साहेब की महत्ता
गुरु बालदास साहेब सतनामी समाज के प्रमुख धर्मगुरुओं में गिने जाते हैं. उनका परिवार बाबा गुरु घासीदास की वंश परंपरा और भंडारपुरी धाम से जुड़ा हुआ है.गुरु बालदास के परिवार के सदस्यों की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के कारण छत्तीसगढ़ के राजनीतिक परिदृश्य में इस परिवार की विशेष चर्चा रहती है. गुरु बालदास के चार बेटे-ढाल दास, सोमेश दास, खुशवंत दास और सौरभ दास हैं. इनमें ढाल दास सबसे बड़े हैं.परिवार में एक बेटी भी है.
सतनामी वोट बैंक पर क्यों है सबकी नजर
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सतनामी समाज को एक प्रभावशाली सामाजिक समूह माना जाता है. राज्य की करीब 14 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित है, और अनुसूचित जाति समुदाय के एक बड़े हिस्से में सतनामी संप्रदाय के प्रति गहरी आस्था है. छत्तीसगढ़ की कुल 90 विधानसभा सीटों में करीब 20 सीटों पर सतनामी समाज के प्रभाव की राजनीतिक चर्चा होती रही है. यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा समेत सभी प्रमुख राजनीतिक दल सतनामी समाज के समर्थन को महत्वपूर्ण मानते हैं.
दो साल पहले ही शुरू हुई सियासी हलचल
छत्तीसगढ़ में अगला विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी जमीन मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है. ढाल दास का कांग्रेस में प्रवेश इसी शुरुआती राजनीतिक हलचल का हिस्सा माना जा रहा है.एक तरफ बीजेपी सरकार में मंत्री खुशवंत साहब सरकार का हिस्सा हैं, तो दूसरी तरफ उनके बड़े भाई ढाल दास अब कांग्रेस के साथ आ गए हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में इस परिवार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और सामाजिक समीकरणों की चर्चा और तेज होने की संभावना है.
क्या कांग्रेस को होगा फायदा ?
ढाल दास के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस उनके जरिए सतनामी समाज के बीच अपनी पकड़ और मजबूत कर पाएगी. क्या उनके कांग्रेस प्रवेश का असर सतनामी बहुल विधानसभा क्षेत्रों में देखने को मिलेगा. और क्या सरकार में मंत्री उनके छोटे भाई खुशवंत साहब के राजनीतिक क्षेत्र पर भी इसका कोई असर पड़ेगा।इन सभी सवालों के जवाब आने वाले समय में सामने आएंगे.
राजनीतिक संदेश साफ-सतनामी समाज पर दोनों दलों की नजर
ढाल दास का कांग्रेस में शामिल होना भले ही एक व्यक्ति के राजनीतिक फैसले के तौर पर देखा जाए, लेकिन इसके पीछे छत्तीसगढ़ के बड़े सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी जुड़े हुए हैं. एक ही परिवार के दो प्रमुख सदस्य अब दो अलग-अलग राजनीतिक खेमों में हैं. ढाल दास का कांग्रेस प्रवेश सिर्फ कांग्रेस की सदस्यता लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के बीच राजनीतिक प्रभाव और आगामी चुनावी रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है. और इसी बीच भूपेश बघेल का बयान,शुरुआत हुई है, सब मिलकर भाजपा को हटाएंगे. आने वाली सियासी लड़ाई का संकेत देता नजर आ रहा है.अब देखना होगा कि ढाल दास के कांग्रेस में आने से छत्तीसगढ़ की राजनीति और सतनामी समाज के सियासी समीकरण किस करवट बैठते हैं.
ब्यूरो रिपोर्ट




