डूसू चुनाव: नतीजों पर आई कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया, बताई ABVP की जीत की वजह
डूसू चुनाव नतीजों पर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्र राजनीति में अब केवल धनबल चलता है। उन्होंने लग्जरी गाड़ियों से प्रचार, MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे और IIT बॉम्बे खुदकुशी पर सवाल उठाए।

दिल्ली / – दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक और जनजेड (Gen Z) आंदोलनों के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने छात्र राजनीति में बढ़ते धनबल और देश की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है।
दरअसल, डूसू चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को एक भी सीट नहीं मिल सकी।
प्रचार पर उठाए सवाल
डूसू चुनाव के नतीजों पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि आज की छात्र राजनीति में विचारों और मुद्दों की जगह पैसे ने ले ली है।
CJP के संयोजक अभिजीत दीपके ने कहा, “चुनावों में केवल और केवल पैसा काम करता है। जो लोग दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रचार करने आते हैं, वे करोड़ों रुपये मूल्य की रोल्स रॉयस (Rolls Royce), ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी लग्जरी गाड़ियों में घूमते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि वहां चुनाव जीतने के लिए पैसों का खेल चल रहा है।”
राहुल गांधी के बयान का समर्थन
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस आरोप का समर्थन करते हुए, जिसमें उन्होंने सरकार पर वैचारिक निष्ठा वाले लोगों को उच्च पदों पर बैठाने की बात कही थी, दीपके ने महाराष्ट्र के एक विश्वविद्यालय का उदाहरण पेश किया। उन्होंने वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति कुमुद शर्मा का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वैचारिक विरोध करने वाले छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाते हुए कहा, “अमरावती के पास स्थित इस विश्वविद्यालय की वीसी आरएसएस की विचारधारा से आती हैं। उनके पद संभालने के बाद से 50 से अधिक छात्रों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जब साधारण छात्र प्रदर्शन करते हैं तो उन पर मामले दर्ज होते हैं, लेकिन जब एबीवीपी ताला लगाती है तो कोई कार्रवाई नहीं होती। खासतौर पर दलित और आदिवासी छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है ताकि शिक्षण संस्थानों को संघ की शाखा में बदला जा सके।”
MPSC अभ्यर्थियों का समर्थन
महाराष्ट्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाते हुए दीपके ने कहा कि युवा अब परीक्षा प्रणाली से पूरी तरह भरोसा खो चुके हैं। उन्होंने एमपीएससी (MPSC) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग को दोहराया।
उन्होंने बताया कि सीजेपी जल्द ही छात्रों के साथ मिलकर एक बड़ा ऑनलाइन अभियान—’भीमनवार राजीनामा द्या’ (भीमनवार इस्तीफा दो) शुरू करने जा रही है। इस अभियान के जरिए छात्रों को बताया जाएगा कि परीक्षा तंत्र में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासनिक बदलाव क्यों जरूरी हैं और सत्ता में बैठे लोगों के साथ इसके क्या संबंध हैं।
IIT बॉम्बे छात्र खुदकुशी मामला
हाल ही में आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) में एक छात्र द्वारा परीक्षा के दौरान मोबाइल और चैटजीपीटी (ChatGPT) का उपयोग करते पकड़े जाने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या करने की घटना पर दीपके ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि छात्र किस कदर मानसिक तनाव और समर्थन की कमी महसूस कर रहे हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट




