छत्तीसगढ़

10 हजार लेने के बाद भी नहीं थमा ब्लैकमेलिंग का सिलसिला, निजी तस्वीरों को हथियार बनाकर युवती को धमकाने का आरोप।

पामगढ़ में डिजिटल ब्लैकमेलिंग का मामला: नहाते समय चोरी से फोटो-वीडियो बनाने और इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी देने के आरोप में युवक गिरफ्तार।

जांजगीर-चांपा। किसी की निजता में सेंध लगाकर उसकी निजी तस्वीरों को डर और वसूली का हथियार बना लेना साइबर अपराध का गंभीर रूप है। पामगढ़ थाना क्षेत्र में सामने आए एक मामले में युवती की निजी तस्वीरें और वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर रुपये वसूलने तथा इसके बाद भी उसे लगातार परेशान करने का आरोप सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रूपेश भारती को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के नहाते समय चुपके से उसके अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए थे। इसके बाद इन तस्वीरों और वीडियो को इंस्टाग्राम पर प्रसारित करने की धमकी देकर उससे 10 हजार रुपये की मांग की। सामाजिक प्रतिष्ठा और निजी तस्वीरें सार्वजनिक होने के भय से पीड़िता ने आरोपी को रकम दे दी। लेकिन आरोप है कि रुपये मिलने के बाद भी आरोपी की धमकी और परेशान करने का सिलसिला नहीं थमा।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी उससे लगातार पैसों की मांग कर रहा था। रुपये नहीं देने पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस तरह निजी तस्वीरों को सार्वजनिक करने का डर पीड़िता के लिए मानसिक दबाव का कारण बन गया। आखिरकार उसने पुलिस के सामने अपनी बात रखी, जिसके बाद मामले में कार्रवाई शुरू हुई।

डर को बनाया वसूली का हथियार

इस प्रकरण का गंभीर पहलू यह है कि निजी तस्वीरों के सार्वजनिक होने का भय कथित तौर पर रुपये वसूलने के लिए इस्तेमाल किया गया। ऐसे मामलों में पीड़ित अक्सर सामाजिक बदनामी, परिवार की प्रतिक्रिया और अपनी प्रतिष्ठा को लेकर डर के कारण शिकायत करने से हिचकते हैं। इसी चुप्पी का फायदा उठाकर अपराध करने वाले लोग पीड़ित पर दबाव बनाए रखने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।

शिकायत के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई

पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना पामगढ़ में अपराध क्रमांक 451/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 77, 79 एवं 308(2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में थाना पामगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

ब्यूरो रिपोर्ट

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