छत्तीसगढ़

सीएम विष्णु देव साय ने दी बहनों को बधाई, राखी का बाजार ग्राहकों से हुआ गुलजार

रायपुर /- रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर सीएम विष्णु देव साय ने प्रदेश वासियों और बहनों को बधाई दी है. सीएम ने कहा कि प्रेम का ये पर्व लोगों के जीवन में उन्नति और शांति लेकर आए. सीएम साय ने अपने गृहजिले की बहनों से राखी भी बंधवाई. सीएम साय ने इस मौके पर 50 बहनों को ई-रिक्शा का उपहार दिया. सीएम ने 84 लाख 69 हजार के विकास कार्यों की सौगात भी जनता को दी.

जशपुर में सीएम को बहनों ने बांधी राखी

जशपुर के केरसई में आयोजित रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी. बहनों के स्नेह से खुश होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राखी विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी का पर्व है, उनका फर्ज है कि बहनों का सम्मान बना रहे तथा क्षेत्र का विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद उनके लिए सौभाग्य की बात है और वे चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की हर बहन आत्मनिर्भर बने.

84.69 लाख के छह विकास कार्यों की सौगात

सीएम ने केरसई में 84.69 लाख की लागत के 6 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. इनमें 24.70 लाख की लागत से निर्मित महतारी सदन का लोकार्पण सबसे अहम रहा. यह भवन महिलाओं के प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों की बैठक, उत्पाद निर्माण, प्रदर्शन, विपणन और आजीविका गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इसे केवल भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बताया.

सीएम ने सराईटोली में 15 लाख की सीसी सड़क, 5.99 लाख के मुक्तिधाम, खड़ियाटोली में 10 लाख की सीसी सड़क, बरटोली में 19 लाख की सीसी सड़क तथा राइमुंडा राउतपारा पहुंच मार्ग पर 10 लाख की आरसीसी पुलिया का लोकार्पण और भूमिपूजन किया.

84.69 लाख के छह विकास कार्यों की सौगात

सीएम ने केरसई में 84.69 लाख की लागत के 6 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. इनमें 24.70 लाख की लागत से निर्मित महतारी सदन का लोकार्पण सबसे अहम रहा. यह भवन महिलाओं के प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों की बैठक, उत्पाद निर्माण, प्रदर्शन, विपणन और आजीविका गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इसे केवल भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बताया.

सीएम ने सराईटोली में 15 लाख की सीसी सड़क, 5.99 लाख के मुक्तिधाम, खड़ियाटोली में 10 लाख की सीसी सड़क, बरटोली में 19 लाख की सीसी सड़क तथा राइमुंडा राउतपारा पहुंच मार्ग पर 10 लाख की आरसीसी पुलिया का लोकार्पण और भूमिपूजन किया.

महिलाएं ई-रिक्शा के माध्यम से प्रतिमाह करीब 15 हजार तक की आय अर्जित कर रही हैं और यह पहल उन्हें स्थायी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाएगी. पिछले रक्षाबंधन पर हमने स्व-सहायता समूह की 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे. आज स्व-सहायता समूहों की महिलाएं किराना दुकान, सब्जी व्यवसाय सहित विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं. स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा लोन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं: विष्णु देव साय, सीएम

raksha bandhan 2026 muhurat

धमतरी का गोल बाजार राखियों से गुलजार

रंग बिरंगी राखियों के लिए फेमस गोलबाजार में इन दिनों अलग-अलग 

डिजाइन और वेरायटी की राखियों से दुकानें सज गई हैं. बाजार में बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद को ध्यान में रखते हुए राखियों की कई रेंज देखने को मिल रही है. गोलबाजार में लगी राखी की दुकानों पर सुबह से लेकर शाम तक ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है. दुकानें दूर से ही रंग-बिरंगी राखियों से आकर्षित कर रही हैं. कहीं छोटे बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां नजर आ रही हैं, तो कहीं म्यूजिकल और आकर्षक लाइट वाली राखियां बच्चों को अपनी ओर खींच रही हैं. बच्चों की पसंद को देखते हुए दुकानदारों ने इस बार राखियों में कई नए डिजाइन भी रखे हैं.

धमतरी में राखी का बाजार हुआ गुलजार 
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राखी का त्योहार (ETV Bharat)

राखी पर दंतेवाड़ा में निभाई जाती है अनोखी परंपरा

रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को कच्चे धागे से तैयार विशेष रक्षासूत्र अर्पित करने की अनूठी परंपरा का दंतेवाड़ा में विधिवत पालन किया गया. यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है. परंपरा के तहत मां दंतेश्वरी के लिए सेवादारों द्वारा हल्दी, कुमकुम और चंदन से पूजन कर कच्चे धागे से विशेष राखी तैयार की गई. रक्षासूत्र तैयार होने के बाद इसे परंपरा के अनुसार मंदिर से जुड़े सेवादार, मांझी, भंडारी, राउत और टुड़पा द्वारा बांस से निर्मित टोकरी में रखकर विधिवत गाजे-बाजे के साथ नारायण मंदिर के पास स्थित शीतला सरोवर ले जाया गया.

शीतला सरोवर में रक्षासूत्र को जल में डुबोकर शुद्ध किया गया. इसके बाद गुड़, पुष्प, चंदन और कुमकुम अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. पूजा के बाद रक्षासूत्र को वापस दंतेश्वरी मंदिर लाकर कलश स्थापना कक्ष में रखा गया.

दंतेवाड़ा में 800 सालों से निभाई जा रही परंपरा 

जानिए क्या है परंपरा

रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व शाम करीब 6 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी द्वारा सर्वप्रथम पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद कच्चे धागे से तैयार विशेष राखी मां दंतेश्वरी को अर्पित की गई. मां दंतेश्वरी को अर्पण करने के पश्चात मंदिर में विराजमान अन्य देवी-देवताओं को भी रक्षासूत्र बांधने की परंपरा निभाई गई. इसके बाद मंदिर के पुजारी और सेवादार मां दंतेश्वरी के प्रसाद स्वरूप रक्षासूत्र को एक-दूसरे की कलाइयों पर बांधते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. पुजारी के मुताबिक करीब 800 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है.

मंदिर के पुजारी शंभू नाथ के मुताबिक, यह परंपरा कोई नई परंपरा नहीं है, बल्कि रियासतकाल से चली आ रही है. मान्यता है कि किसी भी तीज-त्योहार या पर्व के अवसर पर सबसे पहले मां दंतेश्वरी मंदिर में परंपरा के अनुसार पर्व मनाया जाता है. मंदिर में पर्व संपन्न होने के बाद ही क्षेत्र की जनता द्वारा पर्व मनाने की परंपरा है.

मंत्री को राखी बांधकर खत्म किया आंदोलन 
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मंत्रीजी को राखी बांधकर खत्म किया आंदोलन

दुर्ग में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे सहायक शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात के बाद अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त कर दिया. सहायक शिक्षकों ने बताया कि आज से उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू हुआ था, लेकिन मंत्री ने पदाधिकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया, जिसके बाद उन्होने आंदोलन समाप्त कर दिया है. शिक्षकों ने कहा कि मंत्री गजेंद्र यादव ने टीईटी परीक्षा विभागीय स्तर पर आयोजित किए जाने की जानकारी दी है. वहीं प्रमोशन में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर भी चर्चा कर विधि सम्मत निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया है. जिसके बाद शिक्षकों ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया.

             ब्यूरो रिपोर्ट

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