सुभाष चंद्रा का 22,000 करोड़ के कर्ज माफ : 6.5 करोड़ के रीपेमेंट प्लान को मिली मंजूरी।

नई दिल्ली। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने एस्सेल ग्रुप के संस्थापक और मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा की रीपेमेंट योजना को बहुमत के आधार पर मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत सुभाष चंद्रा को विभिन्न कर्जदाताओं (लेंडर्स) के कुल ₹22,006.57 करोड़ के स्वीकृत दावों के पूर्ण निपटारे के लिए केवल ₹6.5 करोड़ का भुगतान करना होगा। एनसीएलटी के इस फैसले के बाद कर्जदाताओं को उनके मूल स्वीकृत दावों की कुल राशि का महज 0.028% हिस्सा ही वापस मिलने की उम्मीद है। यह मामला अब बहुमत की राय के अनुसार औपचारिक आदेश जारी करने के लिए मूल डिवीजन बेंच के समक्ष जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि और प्रमुख घटनाक्रम
इंडियाबुल्स ने शुरू की थी दिवाला प्रक्रिया: सुभाष चंद्रा के खिलाफ यह दिवाला प्रक्रिया इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड द्वारा वर्ष 2022 में शुरू की गई थी। कर्ज के एनपीए (बैड लोन) में बदलने के बाद ट्रिब्यूनल का रुख किया गया था, जिसे वर्ष 2024 में एनसीएलटी द्वारा स्वीकार किया गया।
वित्तीय संस्थानों का कड़ा विरोध: कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस रीपेमेंट योजना का कड़ा विरोध किया।
एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का तर्क: एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि उसके ₹1,322.39 करोड़ के स्वीकृत दावे के बदले उसे समझौते के तहत महज ₹38.09 लाख की राशि ही मिलेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट



