छत्तीसगढ़

देशव्यापी बैंकों के हड़ताल का छत्तीसगढ़ में भी दिखा असर, फाइव-डे बैंकिंग की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे बैंककर्मी

दुर्ग/धमतरी: देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखने लगा है. पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने दुर्ग, धमतरी समेत अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन किया. हड़ताल के चलते बैंक से जुड़े कामकाज पूरी तरह ठप हैं. संयुक्त बैंक यूनियनों का मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लंबे समय से लंबित मांग को लेकर हड़ताल पर है. इस दौरान पूरे देश भर के लगभग 8 लाख बैंक अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं.

भिलाई के सेक्टर-1 स्थित स्टेट बैंक के सामने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया. एसबीआई, पीएनबी, यूनियन बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल रहे. हड़ताल में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के 700 से ज्यादा बैंक कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए. कर्मचारियों ने रैली निकालकर भी अपना विरोध दर्ज कराया. उनका कहना है कि लंबे समय से फाइव डे बैंकिंग की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक इसे लागू नहीं किया गया है.

2024 में सरकार की ओर से फाइव डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी और अतिरिक्त 40 मिनट काम करने का प्रस्ताव भी था, लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हुई.– विनीत, क्षेत्रीय सचिव स्टेट बैंक अधिकारी संघ

इन मांगों को लेकर धमतरी में भी प्रदर्शन

सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, PLI में भेदभाव खत्म करने और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर धमतरी में भी प्रदर्शन हुआ. अलग-अलग बैंकों से जुड़े कर्मचारी और अधिकारी रत्नाबाँधा रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के परिसर में एकजुट हुए.

मांगों को लेकर धमतरी में भी प्रदर्शन 

काम का दबाव बढ़ने का दावा

बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है. कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है. डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के बावजूद बैंक शाखाओं में कर्मचारियों की जिम्मेदारियां कम नहीं हुई हैं. ऐसे में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकता है.

PLI में भेदभाव खत्म करने की मांग

प्रदर्शन के दौरान PLI यानी Performance Linked Incentive को लेकर भी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की. कर्मचारियों का कहना है कि PLI से जुड़े प्रावधानों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और कर्मचारियों के योगदान के अनुरूप उन्हें उचित लाभ मिलना चाहिए.

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी

बैंक कर्मचारियों ने साफ किया कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने रखते रहेंगे. सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आने वाले समय में आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है. सिर्फ आज ही नहीं बैंक यूनियन 28, 29 और 30 सितम्बर 2026 को एक-एक दिवसीय हड़ताल पर जाएंगे. बैंक यूनियन ने 25 अक्टूबर तक मांग पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है.

              ब्यूरो रिपोर्ट

Related Articles

Back to top button