छत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान के तहत एमसीबी के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गूंजा ‘योग का संदेश’

जिलेभर में एक साथ आयोजित हुए योग एवं ध्यान सत्र, ग्रामीणों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का लिया संकल्प

एमसीबी/24 सितंबर 2026/  – राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य और जनकल्याण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विगत 23 सितंबर को जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में एक साथ योग एवं ध्यान सत्रों का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के निर्देश एवं स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से आयोजित इस अभियान में ग्रामीण, शहरी एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल एवं जिला नोडल अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिर अवनीश पाण्डेय के प्रबंधन में जिलेभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग एवं ध्यान के सत्र आयोजित किए गए। सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधकों के समन्वय से केंद्र स्तर पर आयोजन की रूपरेखा तैयार की गई।

गांव-गांव पहुंचा योग, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता
सुबह से ही मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और भरतपुर क्षेत्र के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति देखने को मिली। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। नियमित योग के माध्यम से स्वस्थ एवं निरोगी जीवनशैली अपनाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया गया।
इस दौरान लोगों को उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों से बचाव में स्वस्थ जीवनशैली और नियमित योग के महत्व की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को योग को केवल किसी विशेष अभियान या आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

स्वास्थ्य अमले की सक्रिय भागीदारी से सफल हुआ आयोजन
अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने में जिले के स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले की सक्रिय भूमिका रही। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों, पर्यवेक्षकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारियों ने आयोजन में सहभागिता निभाई। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक भी योग एवं ध्यान का संदेश पहुंचाया गया।
आयोजन के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आने वाले नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। सत्रों के समापन अवसर पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे लोगों को योग के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच के प्रति भी जागरूक किया जा सके।

इलाज के साथ बचाव’ की दिशा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य केवल चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि लोगों को निवारक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मानसिक तनाव जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में योग एवं ध्यान को दैनिक जीवन में शामिल करना स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल उपचार उपलब्ध कराने वाले केंद्र नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।
डॉ. खरे ने नागरिकों से अपील की कि वे योग को केवल विशेष आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।

दूरस्थ गांवों तक पहुंचा ‘स्वस्थ जीवन’ का संदेश
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बेहतर समन्वय से आयोजित इस अभियान का प्रभाव जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक भी दिखाई दिया। विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से योग एवं ध्यान का अभ्यास कर स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
ग्रामीण नागरिकों ने गांव के स्तर पर योग सत्र आयोजित किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी सेहत के प्रति सजग रहने और नियमित योग अपनाने की नई प्रेरणा मिली है।

ब्यूरो रिपोर्ट

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