अपराध - दुर्घटनाछत्तीसगढ़

पुटीडीह धान खरीदी में 94.26 लाख की अनियमितता, फरार आरोपी गिरफ्तार

9,426 बोरी धान की कमी मिली, ऑनलाइन रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन में बड़ा अंतर; दो आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

सक्ती। पुटीडीह धान उपार्जन केंद्र में धान खरीदी के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितता और शासकीय राशि को क्षति पहुंचाने के मामले में डभरा पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी द्रोण प्रताप सिंह सांडिल्य (48), निवासी कापन, चौकी नैला, थाना जांजगीर, जिला जांजगीर-चांपा को 26 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

यह कार्रवाई सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (भापुसे) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल (रापुसे) के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी चंद्रपुर/डभरा सुमित गुप्ता (रापुसे) के नेतृत्व में की गई।

9,426 बोरी धान की मिली कमी

डभरा थाने में मामले को लेकर अपराध क्रमांक 23/2026 दर्ज है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में धारा 316(5), 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।

जांच के दौरान पुटीडीह धान उपार्जन केंद्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक का मिलान किया गया। इस दौरान 9,426 नग धान से भरे बारदानों की कमी सामने आई। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित राशि 89 लाख 32 हजार 77 रुपये 60 पैसे है।

दस्तावेजों की जांच में सामने आई कई गड़बड़ियां

मामले की जांच के दौरान संयुक्त जांच दल ने धान खरीदी से संबंधित ऑनलाइन पोर्टल, खरीदी पंजी, तौल पत्रक, बारदाना पंजी, स्टॉक रजिस्टर और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट सहित विभिन्न दस्तावेजों की जांच की।

जांच में कई तौल पत्रकों में किसानों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। वहीं कुछ दस्तावेजों में हस्ताक्षर को लेकर विसंगतियां भी सामने आईं। इसके अलावा ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज धान की मात्रा और मौके पर उपलब्ध वास्तविक धान के स्टॉक के बीच भी अंतर पाया गया।

पहले दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक इस मामले में इससे पहले शशिकांत महंत और श्याम बाई बरेठ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। वहीं द्रोण प्रताप सिंह सांडिल्य घटना दिनांक से फरार चल रहा था। जांच के दौरान दस्तावेजों एवं संबंधित व्यक्तियों के कथनों के आधार पर उसकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका और सामने आए तथ्यों की जांच अभी जारी है।

इनकी रही भूमिका

कार्रवाई में थाना प्रभारी डभरा निरीक्षक राजेश कुमार पटेल, उप निरीक्षक कमल मैरिसा, आरक्षक धनेश्वर दिवाकर, मिरीश साहू, राम गोपाल यादव, राजेश धीरहे और अजय बंजारे का विशेष योगदान रहा।

ब्यूरो रिपोर्ट

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