छत्तीसगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, इस्कॉन और राधाकृष्ण मंदिरों में खास पूजा अर्चना, गोविंदा की शोभा यात्रा, दही हांडी प्रतियोगिता

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ में कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट और तैयारियां की गई है. गोविंदाओं की शोभा यात्रा के साथ दही हांडी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है. जन्माष्टमी के मौके पर रायपुर के इस्कॉन मंदिर और भिलाई के अक्षयपात्र राधाकृष्ण मंदिर का फूलों से श्रृंगार किया गया है. सुबह से ही भक्तों की भीड़ श्रीकृष्ण के दर्शन को पहुंच रही है.
रामानुजगंज में कन्हर नदी के तट पर स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारी की की गई है. पूरे मंदिर को रोशनी के साथ सजाया गया है.मंदिर के मुख्य द्वारा और आसपास रंग बिरंगी लाइटिंग झालर लगाई गई है. मंदिर के अंदर फूलों से सजावट की गई है. भगवान को विशेष रूप से छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया जाएगा.

कन्हर नदी के तट पर स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर
राम मंदिर के पुजारी यशपाल दुबे ने बताया कि हर साल जन्माष्टमी पर विशेष पूजा अर्चना की जाएगी. रोहिणी नक्षत्र में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए रात 11 बजे से विशेष पूजा अर्चना की जाएगी. उसके पहले मंडली परंपरागत रूप से भजन कीर्तन करेगी.

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को मंदिर में विशेष जशपुर के बालाजी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी
जशपुर के रियासतकालीन बालाजी मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन किया गया है. श्री बालाजी जन कल्याण समिति द्वारा आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता के लिए पहली बार गोविंदा दलों की शोभायात्रा निकाली जा रही है. कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बालाजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की परंपरा धार्मिक विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ मनाई जाती है. मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है.
ब्यूरो रिपोर्ट




