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सत्य निकेतन इमारत हादसा, दुर्ग के छात्र की मौत,अब तक 7 लोगों की गई है जान।

दुर्ग : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए भीषण इमारत हादसे ने दुर्ग के परिवार की खुशियां छीन ली. इस दर्दनाक हादसे में दुर्ग के 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई. युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम का छात्र था. युवराज छुट्टियां बिताकर महज तीन दिन पहले ही दुर्ग से वापस दिल्ली लौटा था. अचानक हुए इस हादसे की खबर मिलते ही दुर्ग में उसके परिवार और परिचितों के बीच शोक की लहर दौड़ गई.

घटना के वक्त दोस्त से बात कर रहा था युवराज

जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त युवराज अपने दोस्त आर्यन से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था. दोनों दोस्त बाहर घूमने की योजना बना रहे थे. बातचीत के दौरान अचानक फोन पर युवराज की आवाज आनी बंद हो गई. आर्यन लगातार फोन पर हेलो-हेलो कहकर युवराज को पुकारता रहा, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.करीब एक मिनट तक फोन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद अचानक कॉल कट गई.इसके बाद आर्यन ने युवराज से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका.इसी बीच उसे सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने की जानकारी मिली.

हादसे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचा दोस्त
अपने दोस्त को लेकर चिंतित आर्यन तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचा. वहां इमारत गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही थी. आर्यन भी लगातार युवराज की जानकारी जुटाने में लगा रहा. कुछ घंटों तक चली तलाश और बेचैनी के बाद आर्यन को वह खबर मिली, जिसका उसे डर था. उसे जानकारी मिली कि युवराज की मौत हो चुकी है और उसका शव एम्स के ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है.

परिजन दिल्ली रवाना

युवराज की मौत की खबर जैसे ही दुर्ग में उसके परिजनों तक पहुंची, परिवार में मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि घटना की सूचना मिलते ही युवराज के परिजन तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. महज 20 साल की उम्र में पढ़ाई और भविष्य के सपने लेकर दिल्ली पहुंचे युवराज की इस तरह अचानक मौत ने परिवार को गहरा सदमा दिया है.एक दोस्त से फोन पर सामान्य बातचीत के दौरान शुरू हुई यह घटना कुछ ही पलों में एक दर्दनाक हादसे में बदल गई और दुर्ग के एक युवा छात्र की जिंदगी हमेशा के लिए खत्म हो गई.

युवराज कन्हैया सोनी का इकलौता बेटा था.परिवार में माता-पिता और उसकी छोटी बहन है, जो 9वीं कक्षा में पढ़ती है।. पिता मेडिकल स्टोर चलाते हैं. बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजन दिल्ली रवाना हो गए और AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंच चुके हैं.प्रशासन ने भी परिवार से संपर्क कर दिल्ली में हरसंभव मदद और शव को दुर्ग लाने की व्यवस्था का भरोसा दिया है-मणिशंकर चंद्रा, एएसपी

युवराज पिछले करीब एक साल से दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था. 31 अगस्त को ही वह राखी की छुट्टी मनाकर दुर्ग से दिल्ली गया था और 1 सितंबर को दिल्ली पहुंचा था.कुछ ही दिनों बाद आई उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार और मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है- टीपी ब्राह्मण,पड़ोसी

कब गिरी थी दिल्ली में इमारत ?

दिल्ली के करोल बाग इलाके में शुक्रवार पुरानी तीन मंजिला इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गई थी. हादसे में मलबे में दबने से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे करोल बाग इलाके में दो मंजिला इमारत का हिस्सा गिरा.इमारत का नाम सत्य निकेतन था. इस पुरानी इमारत के बेसमेंट में पानी भरा था और मरम्मत का काम चल रहा था.इसी दौरान एक पिलर को नुकसान पहुंचा और पूरी इमारत भरभराकर गिर गई. इमारत का हिस्सा गिरने के बाद वहां काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई. कुछ लोग मलबे के नीचे दब गए. दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर तलाश अभियान शुरू किया.आपको बता दें कि इस इमारत में कॉलेज के छात्र पीजी के तौर पर रहकर अपनी पढ़ाई किया करते थे.

ब्यूरो रिपोर्ट

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